Sunday, 13 April 2014

14-4-2014 हस्त नक्षत्र

हस्त नक्षत्र कन्या राशि के 10 अंश से 23°20' तक क्रांति वृत से 12°11'46" दक्षिण तथा विषुवत रेखा से 16°29'56" दक्षिण में है। यह आकाश  मण्डल का सदस्य हैं। पांच तारे के रूप में प्रगट होता है। सितम्बर महीने के अन्तिम सप्ताहमें,जब सूर्य हस्त  में गोचर करता हैं उस समय यह नक्षत्र सूर्योदय के साथ पूर्व दिशा में उदय होता हैं। मई महीने में शिरो बिंदु पर होता हैं। हस्त नक्षत्र के स्वामी चन्द्रमा होता हैं।


                                      


इस नक्षत्र की पहचान :- हमारा एक हाथ से कर्म करता हैऔर दूसरी ओर हस्त रेखा हाथ भाग्य बनाती हैं ।सूर्य को इसका आधिदेवता मानते है। हाथ की पांच उंगलियों को एक जुटता का प्रतीक मानते हैं।शक्ति,दृढ़ निश्चय एवं सफलता का प्रतीक मानते हैं। यह नक्षत्र सदा गतिशील रहता है। कुम्हार का चक्के से तुलना की जाती है जोकि अच्छा शिल्पकार होता है। यह नक्षत्र सदा नियमबद्ध तरीके से कार्य करता है।इसको दूसरे शब्दों में रोबोट की भांति सुनियोजित ढंग से कार्य करता है। सभी   कलाओं से पूर्ण रूप से कुशल होता है।जैसे काम,क्रोध,लोभ,मोह, छल,प्रपंच,मिथ्यावादी और कपट ,धोखा देने भी निपुण होता है।
बुध की मूल त्रिकोण राशि मे स्थित हस्त नक्षत्र जातक में बुध के गुण और दोष का समावेश से स्वाभाविक रूप प्रभावित होता हैं। जातक बुद्धिमान, कार्य कुशल तथा नियत कार्य प्रसन्नता पूर्वक करता है।जातक खुश मिजाज,उत्साही और परिश्रम करने वाला होता हैं। हस्त नक्षत्र यदि जातक के लग्न में हो तो वह लचीली देह का स्वामी होने से किसी नट सरीखे अनेक कार्य सहज संपन्न करता है।जातक आँखे छोटी व चेहरा गोल होता है। तीक्ष्ण बुद्धि का स्वामी होता हैं। ये जातक शरीरिक व मानसिक रूप से सदा सक्रिय रहता है। सभी वस्तुओं को ढंग से व्यवस्था करता हैं। चन्द्रमा इस नक्षत्र के स्वामी है उन्ही की भांति कर्तव्य परायण व सहनशीलता का समावेश भी होता हैं। वैश्य जाति का नक्षत्र माना जाता है। क्रय और विक्रय में कुशलता हासिल होती हैं। हस्त नक्षत्र को पुरूष नक्षत्र माना जाता है। कन्या राशि वात,वायु प्रधान नक्षत्र हैं।
आज दिनॉक 14-04 -2014  4 बजकर4 मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के हस्त दूसरे पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी  ग्रह है शुक्र तथा  नक्षत्र  का  स्वामी चन्द्र  है । चन्द्र और शुक्र ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक रोगी व असत्य बोलनेवाला होता है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 13 डिग्री से 20 मिनट से16 डीग्री 40 मिनट तक रहेगा ।  इस  समय कन्या  राशि में प्रवेश कर चुका   है । ऎसे जातक सलाहकार,मन्त्री,पुजारी  संबन्धित कार्य करने होता सकता है । हस्त नक्षत्र वाले जातकों की आजीविका और व्यवसाय :-  दस्तकार, जौहरी, कलाकार , मुद्रण व प्रकाशन,कागज का उद्योग,जेबकतरे,शेयर दलाल,बढ़ई, बैंकर्स, लेखाकार,डॉक्टर,फिजियोथेरेपिस्ट, सौन्दर्य प्रसाधन निर्माता, हस्त रेखा विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक, ज्योतिषी, आन्तरिक गृह सज्जा, बागवानी, समाचार वाचक, जुडो कराटे प्रशिक्षक, चोर, तस्कर, जाल साज सम्बन्धित कार्य इस नक्षत्र के जातकों को प्रभावित करते हैं। हस्त नक्षत्र को राजसिक नक्षत्र माना जाता है। भौतिक सुखों में आशक्ति रहती है।परलोक की चिन्ता बिल्कुल नही करता है।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि  चतुर्दशी   दिन सोमवार   पक्ष शुक्ल पक्ष
  
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 14-04 -2014  10 बजकर19 मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के हस्त तीसरे  पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी बुध  ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी चन्द्र  है । चन्द्र और बुध  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक धनधान्य से युक्त होता है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 16  डिग्री से 40  मिनट से20 डीग्री 00  मिनट तक रहेगा ।  इस  समय कन्या  राशि में प्रवेश कर चुका   है । ऎसे जातक सलाहकार,मन्त्री,पुजारी,ज्योतिष,राजनयिक  संबन्धित कार्य करने होता सकता है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि  चतुर्दशी   दिन सोमवार   पक्ष शुक्ल पक्ष

जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 14-04 -2014  16बजकर32 मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के हस्त चौथे पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी चन्द्र  ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी चन्द्र  है । चन्द्र और चन्द्र  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक बुद्धिमान होता है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 20  डिग्री से 00  मिनट से23  डीग्री 20 मिनट तक रहेगा ।  इस  समय कन्या  राशि में प्रवेश कर चुका   है । ऎसे जातक सलाहकार,मन्त्री,पुजारी,ज्योतिष,राजनयिक  संबन्धित कार्य करने होता सकता है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि  चतुर्दशी   दिन सोमवार   पक्ष शुक्ल पक्ष
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 14-04 -2014  22 बजकर44 मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के चित्रा प्रथम पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी सूर्य   ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी मंगल  है । चन्द्र और मंगल सूर्य  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक अतिआकर्षक,सुन्दर परिधान पहनने वाला होता है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 23  डिग्री से 20   मिनट से26  डीग्री 40  मिनट तक रहेगा ।  इस  समय कन्या  राशि में प्रवेश कर चुका   है । ऎसे जातक कलात्मक विज्ञापन,सजावट विशेषज्ञ संबन्धित कार्य करने वाला  सकता है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि  चतुर्दशी   दिन सोमवार   पक्ष शुक्ल पक्ष
     
     
    
  

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