Tuesday, 15 April 2014

16-4-2014 Swati Nakshetra

स्वाति नक्षत्र आकाश मंडल में लाल तारा  एक मणि के रूप  दिखाई पड़ता हैं।निरायण सूर्य २३ अक्टूबर में स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करता है। स्वाति नक्षत्र शुक्र ग्रह की तुला राशि मे स्थित होता हैं। इसके नक्षत्रपति हैं राहु ग्रह हैं। स्वाति का अर्थ होता है शुभ। यदि चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में हो तो उस समय को अमृतवर्षा  माना जाता है। चातक तो केवल स्वाति नक्षत्र में ही जल ग्रहण करता अन्यथा वो प्यासा ही रहता है। जिस समय नन्हे पौधे का हवा में झूलना स्वाति नक्षत्र का प्रतीक माना जाता हैं। वायु में हिलना डुलना ,अस्थिरता ,चंचलता,उद्विग्नता व भ्रमण -प्रियता को दर्शाता है। हवा में चलने से गर्मी कम हो जाती हैं।मौसम सुहावना हो जाता हैं। कालपुरुष की सातवीं राशि तुला एक चर राशि मे स्वाति नक्षत्र का प्रवेश जातक को पर्यटन प्रेमी बनाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक बचपन में दुर्बल, अस्वस्थ ,अभाव ग्रस्त होते हैं।उसके पश्चात उनको धन, मान-सम्मान और यश प्राप्त होता हैं।


                        


            स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता पवन देव है। इस नक्षत्र में वो सभी गुण पाए जाते हैं जो श्री हनुमानजी में होते हैं। बल पराक्रम,बुद्धि,कल्पनाशील, सत्यनिष्ठा होता है। स्वाति नक्षत्र की अधिष्ठात्री सरस्वती देवी है। माँ सरस्वती की विद्या, ज्ञानी, खोजी स्वभाव का बनाता है। तुला राशि का चिन्ह होता है तराजू ,जिसे दूसरे शब्दों में समानता करने में सक्षम होता हैं। स्वाति नक्षत्र में सूझबूझ का लाभ उठाकर ,सही निर्णय लेना में भी सक्षम होता हैं।
स्वाति नक्षत्र में जन्म लेने जातक एकहरा बदन, समान अनुपात के अंगों वाला ,राशि पति शुक्र और नक्षत्रपति राहु के कारण उसके चेहरे पर मुस्कान,हँसमुख,मिलनसार,कूटनीति कुशल,एवं प्रभावशाली होता हैं। जिन लोगों के स्वाति नक्षत्र नक्षत्र लग्न या अन्य ग्रह इस नक्षत्र हो तो इस प्रकार के लोग धन,मान और प्रतिष्ठा पाने के लिए नैतिकता, कानून की धज्जियां उड़ाते हैं।



जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  5बजकर11मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के स्वाती दूसरे पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी शनि   ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी राहु   है । चन्द्र और शनि  व राहु  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक आयुकम होती  है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 10 डिग्री से 00  मिनट से13  डीग्री 20   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक दुग्यउधोग,छायाचित्र हो सकता है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  11बजकर12मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के स्वाती तीसरे  पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी शनि   ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी राहु   है । चन्द्र और शनि  व राहु  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक धार्मिक  होता  है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 13 डिग्री से 20   मिनट से16   डीग्री 40   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक अभिनय,प्लासिटक व एवं कांच का निर्माण हो सकता है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष
 
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  17बजकर11मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के स्वाती चौथे  पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी गुरु  ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी राहु   है । चन्द्र और गुरु   व राहु  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक राजयोग होता  है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 20 डिग्री से 00  मिनट से23  डीग्री 20   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक राजयोग को राहु उल्टा कर देता  है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष

जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  5बजकर11मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के स्वाती दूसरे पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी शनि   ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी राहु   है । चन्द्र और शनि  व राहु  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक आयुकम होती  है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 10 डिग्री से 00  मिनट से13  डीग्री 20   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक दुग्यउधोग,छायाचित्र हो सकता है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  11बजकर12मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के स्वाती तीसरे  पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी शनि   ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी राहु   है । चन्द्र और शनि  व राहु  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक धार्मिक  होता  है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 13 डिग्री से 20   मिनट से16   डीग्री 40   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक अभिनय,प्लासिटक व एवं कांच का निर्माण हो सकता है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष
 
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  17बजकर11मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के स्वाती चौथे  पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी गुरु  ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी राहु   है । चन्द्र और गुरु   व राहु  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक राजयोग होता  है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 16 डिग्री से 40  मिनट से20 डीग्री 00  मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक राजयोग को राहु उल्टा कर देता  है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  5बजकर11मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के स्वाती दूसरे पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी शनि   ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी राहु   है । चन्द्र और शनि  व राहु  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक आयुकम होती  है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 10 डिग्री से 00  मिनट से13  डीग्री 20   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक दुग्यउधोग,छायाचित्र हो सकता है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  11बजकर12मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के स्वाती तीसरे  पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी शनि   ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी राहु   है । चन्द्र और शनि  व राहु  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक धार्मिक  होता  है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 13 डिग्री से 20   मिनट से16   डीग्री 40   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक अभिनय,प्लासिटक व एवं कांच का निर्माण हो सकता है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष
 
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  17बजकर11मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के स्वाती चौथे  पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी गुरु  ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी राहु   है । चन्द्र और गुरु   व राहु  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक राजयोग होता  है  । क्योकि  नक्षत्र  पद 20 डिग्री से 00  मिनट से23  डीग्री 20   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक राजयोग को राहु उल्टा कर देता  है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 16-04 -2014  23बजकर08मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के विशाखा प्रथम पद में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी मंगल  ग्रह है  तथा  नक्षत्र  का  स्वामी गुरु   है । चन्द्र और गुरु व मंगल  ग्रह है ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक मनुष्य नीति निपुण होगा    । क्योकि  नक्षत्र  पद 16 डिग्री से 40   मिनट से20    डीग्री 00   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय तुला  राशि में प्रवेश करेगा  है । ऎसे जातक वाक्पुट  होता   है ।
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |

आज तिथि प्रतिपदा   दिन बधुवार   पक्ष कृष्ण  पक्ष
     
     
   
     
     
   
     
    
   
     

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