Thursday, 25 February 2016

27 constellations born children predictions






               

Name constellation

Rashi

Degree to Degree

Constellation

 lord

Dasha

Ashwini

Aries

13 :20

Ketu

7 yrs

Bharani

Aries

!3:20   - 26:40

Venus

20 Yrs

Krittika

Aries

26:40 – 10:00

Sun

6 Yrs

Rohini

Taurus

10-00 -   23:20

Moon

10 Yrs

Mrigasira

Taurus

23:20 -  06 :40

Mars

7 Yrs

Ardra

Gemini

06 :40 – 20 :00

Rahu

18 Yrs

Punarvasu

Gemini

20 :00 -  03:20

Jupiter

16 Yrs   

Pushya

Cancer

03:20 -16 :40

Saturn

19 Yrs

Ashlesha

Cancer

16 :40 -00:00

Mercury

17 Yrs

Magha

Leo

00 :00 – 13 :20

Ketu

7 Yrs

Purvaphalguni

Leo

13 :20 – 26 :40

Venus

20 Yrs

Uttarphalguni

Leo

26 :40 -  10 :00

Sun

6 Yrs

Hasta

Virgo

10 :00 -  23 :20

Moon

10 Yrs

Chitra

Virgo

23 :20 -  06 :40

Mars

7 Yrs

Swati

Libra

06 :40 -  20:00

Rahu

18 Yrs

Visakha

Libra

20 :00  - 03:20

Jupiter

16 Yrs

Anuradha

Scorpio

03 :20 – 16 :40

Saturn

19 Yrs

Jyestha

Scorpio

16 :40 -  00 :00

Mercury

17 Yrs

Moola

Sagittarius

00 :00 -  13 :20

Ketu

7 Yrs

Purvasadha

Sagittarius

13 :20  - 26 :40

Venus

20 Yrs

Uttarasadha

Sagittarius

26 :40  -10 :00

Sun

6 Yrs

Sarvana

Capricorn

10 :00  -23 :20

Moon

10 Yrs

Dhanistha

Capricorn

23 :20  -06 :40

Mars

7 Yrs

Satabhisha

Aquarius

06 :40 -  10 :20

Rahu

18 Yrs

Purvabhadrapada

Aquarius

10 :20 -  03 :20

Jupiter

16 Yrs

Uttrabhadrapada

Pisces

03 :20  -16 :40

Saturn

19 Yrs

Ravati

Pisces

16 :40  -00 :00

Mercury

17 Yrs

 










       ज्योतिष शास्त्र का महत्व अंग है नक्षत्र, जब भी किसी का जन्म होता है चन्द्रमा जिस नक्षत्र में होता है वही जन्म नक्षत्र होता है । एक नक्षत्र 13 अंश 20 कला का होता है और नक्षत्र के चार पद (चरण ) होते है । जातक किस चरण में पैदा हुआ है उसी के आधार पर बच्चे का नाम रखा जाता है ।

अश्विनी = नक्षत्र के चरण के आधार अनुसार नाम के प्रथम शब्द  (मेष) राशि :-   चू , चे, चो और ला
केतु ग्रह इस नक्षत्र का स्वामी 0 से 3-20 अंश प्रथम चरण होता है। यह चरण गण्ड मूल नक्षत्र है, इस उत्पन्न सुन्दर, बुद्दिमान, जल्दबाज तथा कला प्रेमी, सुन्दर व्यवहार कुशल और अपने के पिता के हित अच्छे नहीं होते है ।
अश्विनी अश्विनी - 3 -20  से -6-40 और 6 -40 से 10 अंश :-
इन चरणो में जन्म लेने जातक पढ़ाई व लेखन कार्य विशेष रूचि रखने वाले होते है तथा धनी खानदान से
सम्बन्ध रखने वाला होता है । जातक घूमने फिरनेवाला और उसका भाग्य उदय विदेश जाकर होता है ।
अश्विनी नक्षत्र का चौथा चरण 10 अंश से 13- 20 अंश
इस चरण जन्म लेनेवाला जातक स्वाभिमानी, राजनीति में ऊचॉई पाने वाला तथा सुख साधनों से संम्पन होता है ।
नक्षत्र                                            ग्रह स्वामी                                                                                     अश्वनी              मेघा              मूल          केतु                
   भरणी            पूर्वाफाल्गुनी        पूर्वाषाढ़ा         शुक्र   
  कृतिका            उत्तराफाल्गुनी     उत्तराषाढा         सूर्य                
   रोहिणी          हस्त               श्रवण            चन्द्र
   मृगशिरा         चित्रा              घनिष्ठा           मंगल
   आर्द्रा             स्वाति           शतभिषा             राहु
   पुर्नवसु          विशाखा           पूर्वाभाद्रपद           गुरु
    पुष्य           अनुराधा         उत्तराभाद्रपद           शनि
    आश्लेषा         ज्येष्ठा           रेवती                बुध


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