Friday, 26 February 2016

भरणी नक्षत्र

  



                भरणी नक्षत्र को स्त्री के प्रजनन अंग की संज्ञा दी गई हैं। इसको रति सुख की संज्ञा है परन्तु वास्तव में पुनर्जन्म या नयी उत्पत्ति  कह सकते हैं।मरने के पुनर्जन्म कहा जाता है।माता के गर्व में बच्चा जिस तरह विकसित होता हैं। उसके बाद संसार मे आता है। इस नक्षत्र के स्वामी यमराजजी हैं। नो मास में बच्चा गर्भावस्था में भरण पोषण होता हैं। इस नक्षत्र में वह सभी गुण होते है क्षोभ,प्रतिशोध,घृणा के भाव जो हिंसात्मक परिवर्तन होते होता हैं।भरणी नक्षत्र के जातक वो सभी गुणों का समावेश होता हैं। जन्म का समय भी अनिश्चित होता हैं।उसी प्रकार मृत्यु भी अनिश्चित होता हैं। ये जातक अप्रत्याशित गुप्त एव रहस्यमयी ढंग से काम करता है। दूसरे शब्दों में  नौका  द्वारा आगमन होता है। चौरासी लाख योनि पूर्ण करने बाद जन्म हुआ है। मरने के बाद जीवात्मा कहाँ पर जाएगी,उसके लिए कर्म,धर्म का मर्म समझना आवश्यक है। दुनियाँ में यह शक्ति केवल धर्मराज यानि यमराज ही दक्षय हैं। यमराज एक मृत्यु के देवता नही है बल्कि मनुष्य का लेखाजोखा रखने में दक्षय नही है।संसार के समस्त गुणों का समावेश है जैसे आमोद-प्रमोद,हास्य प्रेमी,कल्याणकारी, परोपकारी तथा उदार प्राकृति ,आध्यात्मिक विकासके अनुकूल परस्थितियों का निर्माण करने भी दक्षय होते है। उनके पास इंसाफ दिलाने में दक्षयता होती हैं। कर्मो के अनुरूप फल देने भी सक्षम होते हैं। उनको तीनो देवियों का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं।   बुराई  को नष्ट करने दक्ष होते हैं। अच्छे एवं बुरे कर्मों की पहचान करने में सक्षम होते हैं।
                                





भरणी नक्षत्र वाले जातकों दोहरे चरित्र का मापदंड व्यक्तित्व के होते हैं।एक स्वच्छ ,शालीनता शुद्धता और छोर गन्दगी, मूर्खतापूर्ण और फूहड़पन छलक दिखाई देता है। इन जातकों दुर्बल का होता है। किसी वस्तु की खोज करने के कितना गिर जाता है।उसका विवरण करना बहुत कठिन है। यदि व्यक्ति प्रेम करेगा उस मे हद तक चला है जो उसका परिणाम जो भी हो।सन्तुलन की दृष्टि से विचार किया जाए तो बहुत संयमी भी हैं।आत्मज्ञान पाने के लिए वैराग्य धारण करता है।भरणी जातक सृजनात्मक की प्रवृति का होता हैं।मंगल की राशि शुक्र नर-नारी के यौन संबंध का प्रतीक हैं।भरणी नक्षत्र के जातकों यौन सीमा को किसी हद तक पार कर जाता हैं।ये जातक मैत्री ,सहयोग, एकात्मता शक्ति भी प्रदान होती है।यह जातक सुन्दरऔर आकर्षक वाले होते हैं। अपने मनोभावों को कभी प्रगट नही होने देते है।सूर्यास्त के समय प्रकृति निःशब्द हो जाती हैइसी प्रकार यह अपने भीतरी तूफान को कंट्रोल करने में सक्षम होता हैं।यदि इन लोगों का सही मार्गदर्शन नहीं मिलने पर अपराधी और पृथभ्रष्ट हो जाता है। बाहरी दुनिया मे लोगों से हँसबोल व्यवहार करते है। बाहर ये व्यक्ति खुशमिजाज,मिलनसार होते हैं। भरणीनक्षत्र वाले जातक सूर्यास्त और सूर्योदय ये जातक घटते और बढ़ते प्रभाव दिखाई देता है। नारी के स्वभाव के सभी गुण दिखाई देते है। बच्चों का पालन पोषण, शिक्षा क्षेत्र , जादू ,मनोरंजन,खेल खिलौने, दवाओं का आयात और निर्यात,प्रसूति केन्द्र, बालविकास, श्मशानघाट ,जासूसी एजेंसी, अग्नितत्व होने की वजह से अग्निशमन अधिकारी, आपदा प्रबंधन, कोयला, पेट्रोलियमपदार्थों, भारी उद्योगों,मॉडलिंग,फोटोग्राफी, शल्यचिकित्सा, सौन्दरीकरण, रंगमंच का व्यवसाय अपना सकते हैं। भरणी नक्षत्र वाले जातक  रजोगुणी तथा राजसिक प्रधान और तमोगुण में किसी हद तक जा सकते है।अधोमुखी नक्षत्र है इन लोगों का पार पाना मुश्किल है।
         भरणी नक्षत्र वाले जातकों दोहरे चरित्र का मापदंड व्यक्तित्व के होते हैं।एक स्वच्छ ,शालीनता शुद्धता और छोर गन्दगी, मूर्खतापूर्ण और फूहड़पन छलक दिखाई देता है। इन जातकों दुर्बल का होता है। किसी वस्तु की खोज करने के कितना गिर जाता है।उसका विवरण करना बहुत कठिन है। यदि व्यक्ति प्रेम करेगा उस मे हद तक चला है जो उसका परिणाम जो भी हो।सन्तुलन की दृष्टि से विचार किया जाए तो बहुत संयमी भी हैं।आत्मज्ञान पाने के लिए वैराग्य धारण करता है।भरणी जातक सृजनात्मक की प्रवृति का होता हैं।मंगल की राशि शुक्र नर-नारी के यौन संबंध का प्रतीक हैं।भरणी नक्षत्र के जातकों यौन सीमा को किसी हद तक पार कर जाता हैं।ये जातक मैत्री ,सहयोग, एकात्मता शक्ति भी प्रदान होती है।यह जातक सुन्दरऔर आकर्षक वाले होते हैं। अपने मनोभावों को कभी प्रगट नही होने देते है।सूर्यास्त के समय प्रकृति निःशब्द हो जाती हैइसी प्रकार यह अपने भीतरी तूफान को कंट्रोल करने में सक्षम होता हैं।यदि इन लोगों का सही मार्गदर्शन नहीं मिलने पर अपराधी और पृथभ्रष्ट हो जाता है। बाहरी दुनिया मे लोगों से हँसबोल व्यवहार करते है। बाहर ये व्यक्ति खुशमिजाज,मिलनसार होते हैं। भरणीनक्षत्र वाले जातक सूर्यास्त और सूर्योदय ये जातक घटते और बढ़ते प्रभाव दिखाई देता है। नारी के स्वभाव के सभी गुण दिखाई देते है। बच्चों का पालन पोषण, शिक्षा क्षेत्र , जादू ,मनोरंजन,खेल खिलौने, दवाओं का आयात और निर्यात,प्रसूति केन्द्र, बालविकास, श्मशानघाट ,जासूसी एजेंसी, अग्नितत्व होने की वजह से अग्निशमन अधिकारी, आपदा प्रबंधन, कोयला, पेट्रोलियमपदार्थों, भारी उद्योगों,मॉडलिंग,फोटोग्राफी, शल्यचिकित्सा, सौन्दरीकरण, रंगमंच का व्यवसाय अपना सकते हैं। भरणी नक्षत्र वाले जातक  रजोगुणी तथा राजसिक प्रधान और तमोगुण में किसी हद तक जा सकते है।अधोमुखी नक्षत्र है इन लोगों का पार पाना मुश्किल है।
भरणी नक्षत्र वाले जातकों दोहरे चरित्र का मापदंड व्यक्तित्व के होते हैं।एक स्वच्छ ,शालीनता शुद्धता और छोर गन्दगी, मूर्खतापूर्ण और फूहड़पन छलक दिखाई देता है। इन जातकों दुर्बल का होता है। किसी वस्तु की खोज करने के कितना गिर जाता है।उसका विवरण करना बहुत कठिन है। यदि व्यक्ति प्रेम करेगा उस मे हद तक चला है जो उसका परिणाम जो भी हो।सन्तुलन की दृष्टि से विचार किया जाए तो बहुत संयमी भी हैं।आत्मज्ञान पाने के लिए वैराग्य धारण करता है।भरणी जातक सृजनात्मक की प्रवृति का होता हैं।मंगल की राशि शुक्र नर-नारी के यौन संबंध का प्रतीक हैं।भरणी नक्षत्र के जातकों यौन सीमा को किसी हद तक पार कर जाता हैं।ये जातक मैत्री ,सहयोग, एकात्मता शक्ति भी प्रदान होती है।यह जातक सुन्दरऔर आकर्षक वाले होते हैं। अपने मनोभावों को कभी प्रगट नही होने देते है।सूर्यास्त के समय प्रकृति निःशब्द हो जाती हैइसी प्रकार यह अपने भीतरी तूफान को कंट्रोल करने में सक्षम होता हैं।यदि इन लोगों का सही मार्गदर्शन नहीं मिलने पर अपराधी और पृथभ्रष्ट हो जाता है। बाहरी दुनिया मे लोगों से हँसबोल व्यवहार करते है। बाहर ये व्यक्ति खुशमिजाज,मिलनसार होते हैं। भरणीनक्षत्र वाले जातक सूर्यास्त और सूर्योदय ये जातक घटते और बढ़ते प्रभाव दिखाई देता है। नारी के स्वभाव के सभी गुण दिखाई देते है। बच्चों का पालन पोषण, शिक्षा क्षेत्र , जादू ,मनोरंजन,खेल खिलौने, दवाओं का आयात और निर्यात,प्रसूति केन्द्र, बालविकास, श्मशानघाट ,जासूसी एजेंसी, अग्नितत्व होने की वजह से अग्निशमन अधिकारी, आपदा प्रबंधन, कोयला, पेट्रोलियमपदार्थों, भारी उद्योगों,मॉडलिंग,फोटोग्राफी, शल्यचिकित्सा, सौन्दरीकरण, रंगमंच का व्यवसाय अपना सकते हैं। भरणी नक्षत्र वाले जातक  रजोगुणी तथा राजसिक प्रधान और तमोगुण में किसी हद तक जा सकते है।अधोमुखी नक्षत्र है इन लोगों का पार पाना मुश्किल है।


आज दिनॉक 2 -04 -2014 सुबह 5 बजकर 56   मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के भरणी दुसरे पद  में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी बुध ग्रह   है तथा  नक्षत्र  का  स्वामी  शुक्र  है । बुध  और शुक्र मित्र  ग्रह है   ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक धनी  व  सुखी होता   है   । क्योकि  नक्षत्र पद16  डिग्री से 40   मिनट से 20   डीग्री 00 मिनट तक रहेगा ।  इस  समय मेष  राशि में प्रवेश कर चुका   है । ऎसे जातक सात्विक भी है । नक्षत्र पद का समाप्त दिनॉक 02 -04 -2014 को होगा । 
आज तिथि  तृतीया     दिन बुधवार   पक्ष शुक्ल पक्ष 
  
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 2 -04 -2014 सुबह 11 बजकर 56   मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के भरणी 3rdपद  में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी शुक्र  ग्रह   है तथा  नक्षत्र  का  स्वामी  शुक्र  है । शुक्र  ग्रह है   ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक क्रूर कर्म करनेवाला होता   है   । क्योकि  नक्षत्र पद20  डिग्री से 00   मिनट से 23    डीग्री 20  मिनट तक रहेगा ।  इस  समय मेष  राशि में प्रवेश कर चुका   है । ऎसे जातक सदा  सौदर्य तथा रसीले पदाथों के शौकीन होगा । नक्षत्र पद का समाप्त दिनॉक 02 -04 -2014 को होगा । 
आज तिथि  तृतीया     दिन बुधवार   पक्ष शुक्ल पक्ष 
  
जय माँ अम्बे तेरी जय हो |
आज दिनॉक 2 -04 -2014 evening 18 बजकर 00   मिनट पर चन्द्रमा जन्म समय में  नक्षत्र  के भरणी 4th पद  में प्रवेश कर करेगा  है ।  नक्षत्र पद का स्वामी मंगल   ग्रह   है तथा  नक्षत्र  का  स्वामी  शुक्र  है । शुक्र और मंगल दुश्मन ग्रह है   ।  इस पाद जन्म लेने वाला जातक क्रूर कर्म करनेवाला होता   है   । क्योकि  नक्षत्र पद23   डिग्री से 20    मिनट से 26 डीग्री 40   मिनट तक रहेगा ।  इस  समय मेष  राशि में प्रवेश कर चुका   है । ऎसे जातक सदा कृतध्न और दूसरे की स्त्री में रहने वाला होगा । नक्षत्र पद का समाप्त दिनॉक 02 -04 -2014 को होगा । 
आज तिथि  तृतीया     दिन बुधवार   पक्ष शुक्ल पक्ष 
               






भरणी नक्षत्र :- इस नक्षत्र की गणना दूसरे स्थान पर की जाती है । यह भी मेष राशि में आता है । इसका स्वामी शुक्र ग्रह है तथा 13-20 अंश से 26 -40 अंश तक आती है । इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक बेहद चतुर और अचानक से योजना बनाकर हमला करने वाले और ज्यादा चलाक, धोखा देने में प्रवीण, उसके  साथ धार्मिक पथ पर भी चलने वाले तथा व्यसन के भी आदी हो जाते है । नृत्य, संगीत तथा चित्र कला में भी रूचि रखते है । डाक्टर, वकील  तथा सभी साधनों धन अर्जित करना जानते है ।
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